Sunday, May 11, 2014

बनारस: राजनैतिक सत्य- भाजपा के पुराने काम और नए सपने

बनारस, वाराणसी या फिर काशी...
नाम अनेक हैं.. शहर एक है...
आजकल बहुत चर्चा में हैं...
चुनाव होने को हैं...
और शहर नेताओं के नाम पर बंट चुका हैं..
वही लोग जो ऊपर से गंगा जमनी तहज़ीब की दुहाई देते हैं...
अंदरखाते वही लोग इसे तोड़ने की , और वोटों के ध्रुवीकर्ण के लिए काम करते हैं..
खैर ये तो सभी पार्टिओं की बात हुई...
पिछले पन्द्रह साल से बनारस नगर निगम पर  भाजपा काबिज़ है..
पिछले दस साल से मुरली मनोहर जोशी सांसद हैं....
अगर भाजपा इतनी विकाशील है, तो भाई अब तक तो काशी स्वर्ग बन जाना चाहिए...
सच्चाई इस के एकदम विपरीत है
काशी उत्तर प्रदेश के अन्य स्थानों से बिलकुल अलग नहीं है.
गंगा की सफाई आज भी बड़ा मुद्दा है...
सीवरेज व्यवस्था बदहाल है..
शहर का विकास का मुद्दा ठन्डे बसते में हैं..
सड़कों का बुरा हाल है...
जो भाजपा इतने वर्षों में कुछ नहीं कर सकी..
अब वो गुजरात के विकास का मॉडल बेच रहे हैं..
कह रहे हैं की नरेंद्र मोदी को चुन कर प्रधानमंत्री बनाये
और वाराणसी स्वर्ग बन जायेगा...
इस सवाल का जवाब कहाँ पर है,
की आप लोग पन्द्रह साल से सत्ता में हैं,
अब तक आप लोगों ने क्या किया...
हैरानी इस बात की है,
की जो मीडिया दिल्ली सरकार के 49 दिन के कामों का पोस्ट-मोर्टम कर रहे थें
भाजपाई 15 सालों के कार्यकाल पर चुप हैं...
अभी ये भी देखने की बात हैं, क्या ज़मीनी स्तर लोग क्या सोचते हैं.
क्या जो मीडिया दिखा रहा है, लोग भी यही सोच रहे हैं..
या फिर वास्तविकता इस से अलग है....
जो भी जीते, वो काशी के लिए काम करे..
सभी प्रत्यशियो को शुभ कामनाएँ 

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