पिछले पन्द्रह महीने में होने वाली घटनाओं पर नज़र डालें
लगता है भारत आज उसी स्थिति में पहुंच रहा है
जिस स्थिति में पाकिस्तान जनरल ज़िया-उल-हक़ के सत्ता पलट के समय में था
पाकिस्तान का इतिहास दोबारा लिखा जाने लगा
उस इतिहास में से गुरु नानक, मंगल पांडे, रानी लक्ष्मी बाई, सीमान्त गाँधी (खान अब्दुल गफ्फार खान ) एवं मौलाना अबुल कलाम आज़ाद पाकिस्तान इतिहास से ही गायब हो गये
पाकिस्तान को रौंदने वाले महमूद गज़नवी एवं अब्दुल बिन कासिम को हीरो बना कर पेश किया गया
अरबों को अपना पूर्वज बताया गया
पीछे 40-45 साल में पाकिस्तान कहाँ पहुंच गया हम सब जानते हैं
आज भारत भी वही करने की कोशिश करने जा रहा है
प्रधानमन्त्री जी AIIMS में डॉक्टरों को बताते हैं, कि गणेश जी की सूंड किसी प्लास्टिक सर्जन ने लगाई होगी
किताबों में ये पढ़ाने की ये कोशिश हो रही है, कि कथित तौर पर हमारा भूतकाल कितना स्वर्णिम था
घुट्टी पिलाई जा रही है, कि हम अति उच्च थे
कोई नहीं बताता, कि पुष्पक विमान कौन से अँगरेज़ उठा के ले गये
महाभारत काल की ब्रहमास्त्र रुपी मिसाइल कौन लोग उठा ले गये
ये सब लोगों को मूर्ख बनाने से बढ़ कर कुछ भी नही है
कोई ये नही बताता कि डेढ़ सौ साल पहले तक औरतें सती होती रही है
कोई इस बात पर कुछ नही बोलता किस तरह समाज जातिओं में बंटा हुआ था
आज भी गाँवों में जातिओं के आधार पर टोले होते है
जो भी तथ्यात्मक बात रखता है, इन तथाकथित धर्म के ठेकेदारों को नागवार गुजरता है
क्योंकि इन सब लोगों की दुकानदारी उसी दिन बंद हो जाएगी , जिस दिन लोग तर्क से बात करेंगे
सोचना आप लोगों को है, कि आप चाहते क्या हैं
भूतकाल से कथित स्वर्णिम काल की घुट्टी पीना चाहते हैं,
या तर्क से आज और आने वाला कल संवारना चाहते है
लगता है भारत आज उसी स्थिति में पहुंच रहा है
जिस स्थिति में पाकिस्तान जनरल ज़िया-उल-हक़ के सत्ता पलट के समय में था
पाकिस्तान का इतिहास दोबारा लिखा जाने लगा
उस इतिहास में से गुरु नानक, मंगल पांडे, रानी लक्ष्मी बाई, सीमान्त गाँधी (खान अब्दुल गफ्फार खान ) एवं मौलाना अबुल कलाम आज़ाद पाकिस्तान इतिहास से ही गायब हो गये
पाकिस्तान को रौंदने वाले महमूद गज़नवी एवं अब्दुल बिन कासिम को हीरो बना कर पेश किया गया
अरबों को अपना पूर्वज बताया गया
पीछे 40-45 साल में पाकिस्तान कहाँ पहुंच गया हम सब जानते हैं
आज भारत भी वही करने की कोशिश करने जा रहा है
प्रधानमन्त्री जी AIIMS में डॉक्टरों को बताते हैं, कि गणेश जी की सूंड किसी प्लास्टिक सर्जन ने लगाई होगी
किताबों में ये पढ़ाने की ये कोशिश हो रही है, कि कथित तौर पर हमारा भूतकाल कितना स्वर्णिम था
घुट्टी पिलाई जा रही है, कि हम अति उच्च थे
कोई नहीं बताता, कि पुष्पक विमान कौन से अँगरेज़ उठा के ले गये
महाभारत काल की ब्रहमास्त्र रुपी मिसाइल कौन लोग उठा ले गये
ये सब लोगों को मूर्ख बनाने से बढ़ कर कुछ भी नही है
कोई ये नही बताता कि डेढ़ सौ साल पहले तक औरतें सती होती रही है
कोई इस बात पर कुछ नही बोलता किस तरह समाज जातिओं में बंटा हुआ था
आज भी गाँवों में जातिओं के आधार पर टोले होते है
जो भी तथ्यात्मक बात रखता है, इन तथाकथित धर्म के ठेकेदारों को नागवार गुजरता है
क्योंकि इन सब लोगों की दुकानदारी उसी दिन बंद हो जाएगी , जिस दिन लोग तर्क से बात करेंगे
सोचना आप लोगों को है, कि आप चाहते क्या हैं
भूतकाल से कथित स्वर्णिम काल की घुट्टी पीना चाहते हैं,
या तर्क से आज और आने वाला कल संवारना चाहते है